सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई

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सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई ने बुधवार आज शपथ ली| न्यायाधीश रंजन गोगोई ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में शपथ ली| सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई| जस्टिस रंजन गोगोई देश के 46वें चीफ जस्टिस बने| उन्होंने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की जगह ली| 45वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर दीपक मिश्रा का कार्यकाल 2 अक्टूबर 2018 को पूर्ण हुआ|

सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस राजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजन गोगोई

पिछले 6 सालों से सुप्रीम कोर्ट के जज रहते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले सुना चुके रंजन गोगोई के सामने अब देश के चीफ जस्टिस के तौर पाए कई संवेदनशील और विवादास्‍पद मामलों को निपटाने की चुनौती है, जिनमें से मुख्य है अयोध्‍या विवाद और असम में राष्‍ट्रीय नागरिक पंजीयन (NRC)| जस्टिस रंजन गोगोई का सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यकाल 13 महीने का होगा| वह अपने पद से 17 नंवबर, 2019 को रिटायर होंगे|

पूर्वोत्तर भारत से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बनने वाले जस्टिस रंजन गोगोई पहले न्यायाधीश है| जस्टिस गोगोई को एक ऐसे समय में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी मिली है जब असम में एनआरसी का मुद्दा काफी गर्म है| बता दें की तकरीबन 40 लाख लोग ऐसे है जिनका नाम एनआरसी ड्राफ्ट में नहीं है और ऐसे में इन सभी के ऊपर देश से निकाले जाने का खतरा मंडरा रहा है| लेकिन इस समय यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है|

बता दें की जस्टिस रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर, 1954 में असम के डिब्रूगढ़ में हुआ था। उनके पिता केशव चंद्र गोगोई 1982 में असम के 9वें मुख्‍यमंत्री थे। वह कांग्रेस नेता थे और डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे।