संविधान दिवस 2018: पढ़िए! भारतीय संविधान से जुड़ी 5 मुख्य बातें

संविधान दिवस 2018: पढ़िए! भारतीय संविधान से जुड़ी 5 मुख्य बातें

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संविधान दिवस 2018 (Samvidhan Divas or Diwas): पढ़िए! भारतीय संविधान से जुड़ी 5 मुख्य बातें  हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है| आज ही के दिन साल 1949 में भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था| भारत के संविधान को बनने में दो साल, ग्यारह महीने और अठारह दिन लगे थे| भारतीय संविधान को विश्व के सबसे बड़े संविधान का दर्जा प्राप्त है| संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने मुख्य भूमिका अदा की थी| आज हम आपके साथ भारतीय संविधान दिवस के मौके पर इससे जुड़ी कुछ खास बातों के बारे बताने जा रहे है जोशायद ही आपको मालूम हो|

संविधान दिवस 2018: पढ़िए! भारतीय संविधान से जुड़ी 5 मुख्य बातें

संविधान दिवस 2018

भारत का संविधान 26 नवंबर को बनकर तिआयत होने के बावजूद दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 में लागू किया गया था| इस तारीख के पीछे एक ऐतिहासिक कारण है| साल 2015 में भारत सरकार ने पहली बार संविधान दिवस को मनाया और फिर उसके बाद हर साल इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है|

1. भारतीय संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने, 18 दिन का समय लगा और यह 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ| भारतीय संविधान 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं और ये 25 भागों में विभाजित है

2. संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे फिर दो दिन बाद 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था|

3. संविधान (Constitution) का मसौदा बनाने में किसी भी तरह की टाइपिंग या प्रिंटिंग मशीन का प्रयोग नहीं किया गया था|

4. 29 अगस्त 1947 को भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी| जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे|

5. संविधान सभा पर करीब 1 करोड़ रूपये खर्च हुए थे|

संविधान दिवस पर देशभर में कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है| इन कार्यक्रम में आयोजक देश के संविधान से जुड़ी यादों को फिर याद करके संविधान निर्माण में भगीरदार लोगों को याद करते है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते है| देश के हर नागरिक को देश के संविधान निर्माण का इतिहास का ज्ञान होना चाहिए, जो हमें अपनी मर्जी से जीवन निर्वहन करने का अधिकार देता है|