जानिए! क्यों पड़ा चक्रवाती तूफान का नाम ‘तितली’ और 10 रोचक बातें

जानिए! क्यों पड़ा चक्रवाती तूफान का नाम ‘तितली’ और 10 रोचक बातें

0
SHARE

जानिए! क्यों पड़ा चक्रवाती तूफान का नाम ‘तितली’ और 10 रोचक बातें:
बीते 10 अक्टूबर से बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान ‘तितली’ के कारण तटीय इलाकों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है| करीब 165 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहे इस साइक्लोन से काफी नुकसान की संभावना है| नुकसान को ध्यान में रखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में काफी एतिहात बरते जा रहे है| तटीय इलाकों के स्कूल, कॉलेज को बंद करने के आदेश दे दिए गए है| ओडिशा के तटीय इलाकों के 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है| कुछ समय पहले आई केरल में बाढ़ को देखते हुए काफी सावधानी बरती जा रही है| इस तूफान को तितली नाम दिया गया है| आज हम आपको इस तूफान के तितली नाम दिए जाने के पीछे की 10 मुख्य बाते बताने जा रहे है|

जानिए! क्यों पड़ा चक्रवाती तूफान का नाम 'तितली' और 10 रोचक बातें

1. बंगाल की खाड़ी उठे इस तूफान को ‘तितली’ नाम पाकिस्तान ने दिया है| बता दें की तूफान को नाम इसलिए दिया जाता है क्योंकि वैज्ञानिक और आम जनता में तूफान को लेकर असमंजस पैदा ना हो|

2. दुनिया भर में तूफानों के नाम 5 कमेटियां फाइनल करती हैं. इन कमेटियों के नाम हैं: (1) इस्‍केप टाइफून कमेटी (2) इस्‍केप पैनल ऑफ ट्रॉपिकल साइक्‍लोन (3) आरए 1 ट्रॉपिकल साइक्‍लोन कमेटी (4) आरए- 4 (5) आरए- 5 ट्रॉपिकल साइक्‍लोन कमेटी|

3. विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन ने सबसे पहले चक्रवाती तूफान के नाम रखने की शुरुआत की थी| भरत में तूफान को नाम देने का चलन साल 2004 से शुरू हुआ| भारत और उसके पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाइलैंड ने भी तूफानों को नाम देने का तरीका बनाया| इन 8 देशों की ओर से सुझाए गए नामों के पहले अक्षर के अनुसार उनका क्रम तय किया जाता है और उसी क्रम के अनुसार चक्रवातों के नाम रखे जाते हैं|

4. इन सभी आठ देशों ने वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (World Meteorological Organization) को तूफानों के नाम की लिस्ट दी हुई है| इसमें भारत ने ‘अग्नि’, ‘बिजली’, ‘मेघ’, ‘सागर’ और ‘आकाश’ जैसे नाम दिए. वहीं, पाकिस्तान ने ‘निलोफर’, ‘बुलबुल’ और ‘तितली’ जैसे नाम दिए| इन्हीं नामों में से वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन तूफान का नाम रखती है.

5. अगर इन आठ देशों में चक्रवाती तूफान आता है की सुझाए गए नामों में से एक नाम का चुनाव किया जाता है| भारत में एक नाम को 10 साल के भीतर फिर से इस्तेमाल नह किया जाता| अधिक नुकसान करने वाले चक्रवात के नाम को निरस्त कर दिया जाता है| इस बार पाकिस्तान की तरफ से सुझाए गए तूफान के नाम को चुना गया, यही वजह है की भारत में दस्तक दे रहे इस तूफान को तितली नाम मिला है|

6. हर साल अमेरिका में तूफानों के नाम रखने के लिए 21 नामों की लिस्ट तैयार की जाती है| इंग्लिश के हर एल्‍फाबेट से एक नाम रखा जाता है| लेकिन Q,U,X,Y और Z एल्‍फाबेट तूफान का नाम नहीं रखा गया है| साल में 21 से अधिक तूफान आने की स्तिथि में इनका नाम ग्रीक अल्‍फाबेट अल्‍फा, बीटा, गामा के हिसाब से नाम दिया जाता है| इन नामों में ऑड-ईवन का फॉर्मूला अपनाया जाता है| उदाहरण के तौर पर ऑड सालों में चक्रवात का नाम औरतों के नाम पर रखा जाता है, जबकि ईवन सालों में आए तूफान के नाम पुरुषों पर आधारित होते हैं. कहने का मतलब है कि ऑड साल जैसे कि 2019, 2021 और 2023 में आने वाले तूफानों के नाम औरतों के नाम पर रखे जाएंगे. वहीं ईवन साल जैसे कि 2018, 2020 और 2022 में आने वाले तूफानों के नाम पुरुषों के नाम पर आधारित होंगे|

7. बंगाल की खाड़ी से शुरू हुआ तूफान तितली उत्तर-पश्चिमी की तरफ बढ़ रहा है| ओडिशा के बाद सबसे ज्यादा खतरा आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर है|

8. मौसम विभाग ने ओडिशा के गंजम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, भद्रक और बालासोर जैसे जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है|

9.ओडिशा में 125 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो 165 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं|

10. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तूफान तितली आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के पास से गुजरेगा|