Home भारत बजट 2019: आम बजट में मिलेगी इनकम टैक्स में बड़ी राहत? Budget...

बजट 2019: आम बजट में मिलेगी इनकम टैक्स में बड़ी राहत? Budget 2019

28
0

बजट 2019: आम बजट में मिलेगी इनकम टैक्स में बड़ी राहत? Budget 2019 :- देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को साल 2019-20 का आम बजट पेश करेंगी। आम बजट के पेश करने से पहले वित्त मंत्री आर्थिक सर्वेक्षण लेकर आएँगी। बता दें की आम बजट से सरकार आर्थिक रूप से क्या करेगी? इसके बारे में पता चल जाएगा। इस बार के बजट पर देश और दुनिया की नजरे टिकी हुई है। जहां फरवरी में अंतिरिम बजट में हुई घोषणाओं को भी अंतिम रूप में पेश किया जाएगा।

स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी कार्वी के सीईओ राजीव सिंह कि-जैसी की हम सभी जानते है की बजट बनाने का काम शुरू हो चूका है। सरकार की कोशिश इस बजट से धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने पर होगी। बता दें की वैश्विक अर्थव्यवस्था भी कठिन दौर से गुजर रही है, व्यापार युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है और इसीलिए सरकार कई बड़ी चुनौतियां है। जो अब देखना होगा की सरकार इससे कैसे निपटती है?

बजट 2019

सरकार और बैंकिंग रेगुलेटर दोनों को मिलकर मौजूदा लिक्विडिटी की किल्लत से निपटने की जरूरत है। अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार सैद्धान्तिक रूप से दो रास्ते अपना सकती है। पहला इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जाए और दूसरा सरकारी बैंकों को रिकैपिटलाइज किया जाए। साथ ही खपत बढ़ाने और आयकर दाताओं और MSME सेक्टर को अतिरिक्त राहत देने से भी इस दिशा में मदद मिलेगी।

Kisan budget 2019

कॉरपोरेट टैक्स की बात करें तो बजट में इसकी 25 फीसदी की थ्रेसहोल्ड लिमिट बढ़ने की उम्मीद है। जिनका टर्नओवर 250 करोड़ रुपये से कम है, उनपर 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स लागू है, इस लिमिट को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये तक किया जा सकता है। हालांकि सरकार ने स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स नियमों में ढील देकर कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।

रेल बजट 2019

IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि सरकार इनकम टैक्स छूट की लिमिट को आम बजट में बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दे। बता दें कि साल में 5 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों को पहले ही सेक्शन 87A के तहत इनकम टैक्स में पूरी छूट मिल जाती है।

इंडियन आर्मी बजट

एनडीए सरकार के पहले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम वेतनभोगियों के लिए टैक्स छूट की लिमिट 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी थी। वहीं 60 साल से 80 साल के बीच आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई थी। इसके अलावा, सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट की लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई थी। हाउसिंग लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज की लिमिट को भी 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया था।