अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में 15 अनसुनी बातें

अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में 15 अनसुनी बातें

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अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में 15 अनसुनी बातें: राजनीती के भीष्म पितामह के नाम से मशहूर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी अब हम सब के बीच नहीं रहे| बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है की अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में निधन हो गया| अटल जी भले ही इस दुनिया को छोड़कर चले गए हो लेकिन वे हम सब के दिलों में हमेशा रहेंगे| अटल बिहारी वाजपेयी जी से जुड़ी 15 अनकही बातें जो आपको शायद ही पता हो|

अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में 15 अनसुनी बातें

वाजपेयी की खराब हालत की खबर के बाद एम्स में उनसे मिलने का ताँता शुरू हो गया था और अब आज श्याम को उनके निधन की खबर मिलने के बाद सभी दुखी है|

– कानपूर के डीएवी कॉलेज में अपने पिता के साथ अटल जी लॉ की पढ़ाई किया करते थे| सबसे रोचक बात तो यह है की पिता और पुत्र दोनों एक ही कक्षा और एक ही कमरे में रहते थे| लेकिन जब अन्य छात्रों को इसके बारे में पता चला और उन्होंने इस बारे चर्चा की तो उन्होंने अपना सेक्शन बदल लिया|

– अटल बिहारी वाजपेयी राजनेता नहीं एक पत्रकार के रूप में करियर बना चाहते थे|

– अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व से पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू काफी प्रभावित रहे और उन्होंने वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी भी की थी|

– साल 1984 में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी| ग्वालियर चुनाव में अटल जी की हार हुई थी|

– 26 पार्टियों के साथ गठजोड़ करके सरकार चलने वाले भारत के वे एकमात्र पीएम थे| उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली|

– वाजपेयी पहले ऐसे गैर कांग्रेसी नेता थे जिन्होंने सफलतापूर्वक 5 साल का कार्यकाल पूर्ण किया था|

– वाजपेयी 9 बार लोकसभा के लिए चुने गए जबकि वे दो बार राज्यसभा के लिए भी चुने गए|

– पूर्व पीएम नरसिम्हा राव वाजपेयी को अपना राजनीतिक गुरु मानते थे|

– वाजपेयी के पिता नहीं चाहते थे की वो आरएसएस की खाकी पैंट पहने| यही वजह है की उनकी बहन उनकी इस पैंट को बार-बार घर से फेंक देती थी|

– अटल बिहारी वाजपेयी अविवाहित ही रहे| उन्होंने एक बच्ची को गोद लिया जिसका नाम नतिमा है|

– वाजपेयी जी केवल एकमात्र ऐसे नेता थे जो यूपी, एमपी, गुजरात और दिल्ली चारों राज्य से चुनकर संसद के कालियारो तक पहुँचे|

– अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने यूएन की जनरल असेंबली में हिंदी भाषा में भाषण दिया था|

– पोखरण का ऐतिहासिक परिक्षण उनके ही कार्यकाल में हुआ था|

– देश में विज्ञान की शक्ति को बढ़ावा देने के लिए वाजपेयी जी ने लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय जवान जय किसान’ में ‘जय विज्ञान’ जोड़ा|

– वाजपेयी जी को कविता लिखना पसंद था| उन्होंने जगजीत सिंह के साथ मिलकर दो एलबम भी निकाले थे|