चमकी बुखार: मुजफ्फरपुर 100 बच्चों की मौत, जानें क्या है ‘चमकी’ बिहार...

चमकी बुखार: मुजफ्फरपुर 100 बच्चों की मौत, जानें क्या है ‘चमकी’ बिहार में नहीं थम रहा बुखार

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चमकी बुखार: मुजफ्फरपुर 100 बच्चों की मौत, जानें क्या है ‘चमकी’ बिहार में नहीं थम रहा बुखार :- बिहार राज्य में इनदिनों चमकी बुखार ने केहर ढाया हुआ है। इसकी वजह से बिहार में अब तक कई बच्चों की जान चली गई है। एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रॉम (AES) के शिकार बच्चे हो रहे है। इसके कारण बिहार राज्य में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में 10 बच्चों ने इस बुखार की वजह से दम तोड़ दिया है। जबकि कई नए बच्चों को एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर सहनी नें बताया कि बीमार बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह से दो नए पीआईसीयू खोले गए हैं। इससे पीड़ित कुछ बच्चों के ठीक होने की भी खबर है।

चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 48 हो चुकी है जबकि इससे पीड़ित 60 नए बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। चमकी से मरने वाले 10 बच्चों में से 7 बच्चों की मौत एसकेएमसीएच में हुई है जबकि तीन की मौत केजरीवाल अस्पताल मेम हुई है। अब तक हॉस्पिटल से 22 बच्चों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। इससे पहले रविवार रात से सोमवार रात तक 20 बच्चों की मौत हो गई थी।

चमकी बुखार के कारण 48 बच्चों की मौत

जापानी इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) या एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) आम भाषा में चमकी बुखार के नाम से जाना जा रहा है। इस बुखार से पीड़ितों को तेज दर्द के साथ शरीर में ऐंठन होने लगती है और फिर तेज बुखार आता है। कई मरीजों को इतना तेज बुखार आता है की वह बेहोश तक हो जाते है। इसकी चपेट में आए लोगों को उलटी भी हो जाती है। मरीज का व्यव्हार चिड़चिड़ा भी हो जाता है। लेकिब बीमारी के बढ़ने पर मरीज में नीचे दिए गए लक्षण भी देखने को मिल सकते है।

– इसमें रोगी का दिमाग काम करना बंद कर देता है और वो भ्रम का शिकार भी हो जाता है.

– चिड़चिड़ेपन के कारण कई बार दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है.

– ज्यादा बीमारी बढ़ने पर कई अंग काम करना बंद कर देते हैं और शरीर को लकवा मार जाता है.

– इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सुनने और बोलने में भी तकलीफ होने लगती है.

– कई बार मरीज गश खाकर बेहोश होकर गिर भी पड़ता है.

डॉक्टर के अनुसार यह बीमारी उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली के कई इलाकों में अपने पैर पसार रही है। इस बीमारी के सामने आने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि-इससे पीड़ित लोगों के मरने वालों का आंकड़ा इतनी ज्यादा में होना चिंता का विषय है। इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अपनी नजर बनाएं हुए है। इस मामले पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है।