पिता पर शायरी | Pita Shayari

पिता पर शायरी | Pita Shayari

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Shayari on Father | Pita Shayari: बच्चों के लिए जितना माँ प्यारी होती है उसके मुकाबले पिता काफी कम प्यारे होते है या यूँ कहें की पिता के संघर्ष और त्याग को वो तरजीर नहीं मिल पाती जो एक माँ के त्याग, बलिदान को मिलती है| लेकिन ऐसा यह मतलब कतई नहीं है की हम सभी अपने पिता से प्यार नहीं करते| माता और पिता हम दोनों से ही काफी प्यार करते है| आज हम आपके लिए पिता पर शायरी की बेस्ट कलेक्शन लेकर आए है जिसे आप अपने पिता या डैड के साथ जरूर शेयर कर सकते है|

पिता पर शायरी | Pita Shayari

पिता शायरी

तोतली जुबान से निकला पहला शब्द
उसे सारे जहाँ की खुशियाँ दे जाता है,
बच्चों में ही उसे नजर आती है जिंदगी अपनी
उनके लिए तो ‘पिता’ अपनी जिंदगी दे जाता है।

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उसके लफ्जों को कभी गलत मत समझना
कि उसके हर अलफ़ाज़ में एक गहराई होती है,
न समझना उसकी हरकतों को अपने लिए परेशानियाँ तुम
तुम्हारे लिए तो ‘पिता’ ने दिल में एक दुनिया बसाई होती है।

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उसके हाथ की लकीरें बिगड़ गयी
अपने बच्चों की किस्मतें बनाते-बनाते,
उसी ‘पिता’ की आंखों में आज
कई आकाशों के तारे चमक रहे थे।

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यूँ तो रोज़ ही छलक जाती है
चंद बूँदें इन आँखों से
जब भी आपकी याद आती है

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परन्तु कई बार मन घुटता है
अंतर में आँखों से आँसू नहीं बहते
परन्तु मन में उमड़ आती हैं
कई यादों की धाराएँ एक साथ
बचपन से जवानी तक के
सफ़र की हर बात

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पिता पर शायरी | Pita Shayari

तब ख़ुद को समझाने पर भी
नहीं होता है विश्वास
आज आप नहीं हैं हमारे बीच
अपने बच्चों के पास

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मुझे मोहब्बत है अपने हाथों की सब लकीरों से,
ना जाने पापा ने कौनसी ऊँगली को पकड़कर चलना सिखाया था।

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पतंग शायरी

नसीब वाले हैं जिनके सर पर पिता का हाथ होता हैं,
ज़िद पूरी हो जाती हैं सब गर पिता का साथ होता हैं।

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दुनिया की भीड़ में सबसे करीब जो है,
मेरे पापा मेरे खुदा मेरी तकदीर वो है।

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पिता हारकर बाज़ी हमेशा मुस्कुराया,
शतरंज की उस जीत को मैं अब समझ पाया।

बेटी शायरी | Beti Shayari

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