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Azaan Loudspeaker Controversy in Mumbai | मुंबई पुलिस – मुंबई की 70 फीसदी से अधिक मस्जिदों ने सुबह की अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग बंद किया?

नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर देश नई कॉन्ट्रवर्सी शुरू हो गई है, जी हां हम बात कर रहे है Azaan Loudspeaker Controversy in Mumbai बारे में। आज की यह कॉन्ट्रवर्सी कही और कि नही बल्कि सपनो के शहर मुंबई से नीलक  कर सामने आ रही है। मुंबई की 72 फ़ीसदी मस्जिदों ने सुबह के अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। पुलिस सूत्रों द्वारा मंगलवार को यह जानकारी दी गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की मस्जिदों से 3 मई तक लाउडस्पीकर हटाने की मांग की है।

Azaan Loudspeaker Controversy in Mumbai Police - More than 70 percent of Mumbai's mosques stop using loudspeakers for morning azan? | Loudspeaker Guidelines & Rules

Azaan Loudspeaker Controversy in Mumbai

गौरतलब है कि दिन की पहली अजान तड़के करीब 5 बजे दी जाती हैं। पुलिस के 1 अधिकारी ने इस बात का दावा किया है कि मुंबई में 72 फ़ीसदी मस्जिदों ने सुबह के समय अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। लाउडस्पीकर पर अजान संबंधित विवाद बढ़ने के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मद्देनजर पुलिस ने हाल ही में धार्मिक नेताओं के साथ मीटिंग को थी।

मुंबई पुलिस बताया कारण ?

अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति लेने और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को पालन करने के लिए कहा गया है। कानून का उलंघन करने वालों के ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। loudspeakers banned in india इस बात को लेकर पूरे भारत मे चर्चा का विषय बना हुआ है।

Loudspeaker Guidelines & Rules

हमारे ही देश के कुछ नगर ऐसे भी जहाँ पर इस बात को लेकर चर्चा विरोध और हिंसा हर जगह देखने को मिल रही है। अन्य महानगरों की बात करे तो हाल ही में दिल्ली में इस विषय पर पथराव देखने को मिला था। लेकिन आज की जो खबर आपके लिए लेकर आये हैं उसके हिसाब से loudspeaker guidelines फॉलो ना करने वालो पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इसीलिए loudspeaker rules नियम जो नए बनाये गए उनकी गाइडलाइंस को फॉलो करना काफी ज्यादा जरूरी है। बताना चाहते हैं कि मुंबई के अलावा दिल्ली में भी बवाल जो रहा है। जहाँ लाउडस्पीकर पर अजान पड़ी जाती है तो कोई फर्क नही पड़ता है। वही हिंदुओ के हनुमान चालीसा अगर लाउडस्पीकर पर चलाई जाए तो हर जगह हिंसा का प्रदर्शन होता है।

जहाँ हिंदुओ के त्योहार पहले राम नवमी और फिर हनुमान जयंती पर 2 बार पथराव और फिर बोतले और डंडों से वार किया गया था। ऐसे में क्या आगे चलकर भी इस तरह का विरोध होता रहेगा। यह एक बहुत बड़ा सवाल है। आपका क्या कहना है हमारी जानकारी को लेकर कमेंट बॉक्स में शेयर करें।

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