Home त्यौहार Maha Shivratri 2023: कब है महाशिवरात्रि? Date | Time | पूजा विधि

Maha Shivratri 2023: कब है महाशिवरात्रि? Date | Time | पूजा विधि

Maha Shivratri 2023: नमस्कार दोस्तों, बता दे की शुक्रवार 18 फरवरी को भारत में महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। जैसा की आप सभी को मालूम है कि हर वर्ष शिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिव पूजा का महापर्व पर मनाई जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा  ने बताया कि जब सूर्य कुंभ राशि और चंद्र मकर राशि में होता है, तभी फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की रात ये पर्व मनाया जाता है। बता दे कि 18 फरवरी 2023 की 12:09 पूर्वाह्न से 01:00 पूर्वाह्न, 19 फरवरी तक त्रयोदशी तिथि रहेगी। इसके बाद बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस बार शिवरात्रि क्यों खास होने वाली है, बता दे की इस बार शिवरात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। यही कारण है कि इस शिवरात्रि को खास माना जा रहा है। आज हम आपके साथ महाशिवरात्रि से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ साझा करने वाले, जिसे जानने के लिए हमारे साथ बने रहे

Maha Shivaratri 2020 | Maha Shivaratri | Lord Shiva Puja | शिव का अभिषेक कैसे करें | 21 फरवरी को यह रहेगा मुहूर्त | Date & Time | शिवरात्रि कब है, शिवरात्रि का व्रत, भगवान शिव
Maha Shivratri 2023

जैसा की आप सभी को मालूम है कि शिवरात्रि का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कहा जाता है कि भगवान शिव की पूजा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। इसी के चलते शिवरात्रि वाले दिन लोग भगवान शिव के गेम व्रत रखते हैं। जिसे पूरे देशभर में बड़े ही हषोर्ल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार शुक्रवार 21 फरवरी को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि हेलो इस दिन भगवान शंकर की शादी भी हुई थी। इसलिए रात में शंकर की बारात निकाली जाती है।

18 फरवरी को यह रहेगा मुहूर्त

शनिवार, फरवरी 18, 2023 को महा शिवरात्रि निशिता काल पूजा का समय – 00:09 से 01:00, फरवरी 19 अवधि – 00 घंटे 51 मि 19 फरवरी को शिवरात्रि पारण का समय – 06:56 से 15:24

शिवरात्रि पर पूजा करने की विधि

भगवान शिव की पूजा करते समय बेल के पत्ते और धतूरे का इस्तेमाल और गंगाजल अर्पित किया जाता है. साथ ही सावन में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है। पूजा के बाद व्रतकथा जरूर सुनें या पढ़ें। व्रत रखने वालों को इस दिन भगवान शिव के साथ मां गौरी की पूजा भी करनी होती है। इस दिन तड़के स्नान करने के बाद सफेद या हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद शाम को प्रदोष बेला में 16 प्रकार से पूजन के इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे पुष्प, दूब, बेलपत्र, धतूरा जैसी चीजों से पूजा की जाती है।

शिव का अभिषेक कैसे करें

शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठें और नहाधोकर खुद को स्वच्छ करें. मंदिर में जाते समय जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, इत्र, चंदन, केसर, भांग सभी को मिलकार एक बर्तन में साथ ले जाएं और शिवलिंग का अभिषेक करें। महाशिवरात्रि से जुड़ी और अधिक जानकारी जानने के लिए हमारे साथ बने रहे।

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