बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in...

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

0
SHARE

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi: देशभर में आज बाल दिवस बड़ी ही धूम के साथ मनाया जा रहा है| भारत के पहले प्रधानमंत्री की जयंती 14 नवंबर को बाल दिवस या चिल्ड्रन डे के रूप में मनाया जाता है| बाल दिवस जैसा की इस दिवस के नाम से ही प्रतीत होता है बच्चों का दिन, इस दिन स्कूल, कॉलेज में तरह के खेल कूद के प्रोग्राम का आयोजन किया जाता है वही इसी बीच स्कूल, कॉलेज में निबंध, स्पीच, कविता की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है| इन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के लिए हम लेकर आए है बाल दिवस से जुड़ी निबंध, कविता, स्पीच की कलेक्शन जनकी मदद से आप बाल दिवस की प्रतियोगिता में विजेता बन सकते है|

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

बाल दिवस निबंध

ये तो आप सभी जानते है की भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे जिन्होंने भारत की आजादी में अपना योगदान दिया| भारत की आजादी के बाद हुए आम चुनाव में जवाहर लाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला| लेकिन हम आपको बताते है की जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर बाल दिवस या चिल्ड्रन डे क्यों मनाया जाता है| पंडित जवाहर लाल नेहरू बच्चों से बड़ा प्रेम करते थे और जब भी उन्हें समय मिलता वे बच्चों के साथ खेलने लगते और उनके साथ समय बिताते थे| इस कारण की उन्हें बच्चे चाचा नेहरू कहकर सम्बोधित करते और बाद में भारत सरकार ने जवाहर लाल नेहरू जयंती को बाल दिवस या चिल्ड्रन डे के रूप में मनाने का फैसला किया|

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

बाल दिवस भाषण

बाल दिवस पर स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बड़े-बड़े भाषण दिए जाते है| इन भाषण या स्पीच को देने का उद्देश्य बच्चो तक पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के देश के योगदान और उनके विचारो को पहुँचाना है|

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

बाल दिवस की शुभकामनाएं संदेश | Bal Diwas Ki Shubhkamnaye

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

बाल दिवस कविता

कितनी प्यारी दुनिया इनकी,
कितनी मृदु मुस्कान।
बच्चों के मन में बसते हैं,
सदा, स्वयं भगवान।

एक बार नेहरू चाचा ने,
बच्चों को दुलराया।
किलकारी भर हंसा जोर से,
जैसे हाथ उठाया।

नेहरूजी भी उसी तरह,
बच्चे-सा बन करके।
रहे खिलाते बड़ी देर तक
जैसे खुद खो करके।

बच्चों में दिखता भारत का,
उज्ज्वल स्वर्ण विहान।
बच्चे मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

बच्चे यदि संस्कार पा गए,
देश सबल यह होगा।
बच्चों की प्रश्नावलियों से,
हर सवाल हल होगा।

बच्चे गा सकते हैं जग में,
अपना गौरव गान।
बच्चे के मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

*****

बाल दिवस निबंध, कविता, भाषण | Bal Diwas Essay, Poem, Speech in Hindi

चाचा नेहरु का बच्चो से है बहुत पुराना नाता
जन्मदिन चाचा नेहरु का बाल दिवस कहलाता

चाचा नेहरु ने देखे थे नवभारत के सपने
उस सपने को पूरा कर सकते है उनके अपने बच्चे

बाल दिवस के दिन हम सभी बच्चे मिलकर गीत ख़ुशी के गायेगें
चाचा नेहरु के चरणों में फूल मालाये चढ़ायेगें!

शालाओं में भी होते है नये नये आयोजन
जिसको देख कर आनंदित होते है हम बच्चो के तन मन

बाल दिवस के इस पवन पर्व पर एक शपथ ये खाओ
ऊँच नीच का भेद भूलकर सबको गले लगाओ!