मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा, महत्व, पूजा...

मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा, महत्व, पूजा सामग्री

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मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya) तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा, महत्व, पूजा सामग्री: इस साल मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 7 दिसंबर को पड़ रही है| यह अमावस्या मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष को पड़ती है| इसे अगहन और पितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है| अगहन महीने में अमावस्या का महत्व कार्तिक मास में पड़ने वाली अमावस्या के समान है| हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार यही महीना माता लक्ष्मी को बेहद पसंद है| यही वजह है की इस महीने में लक्ष्मी पूजन का एक विशेष महत्व है| मान्यता के अनुसार अगहन मास की अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन और व्रत करने से पापों का नाश होता है| यहाँ जानिए मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा, महत्व, पूजा सामग्री के बारे में|

मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा, महत्व, पूजा सामग्री

मार्गशीर्ष अमावस्या 2018

मार्गशीर्ष अमावस्या कब है? 

तिथि: शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

मार्गशीर्ष अमावस्या शुभ मुुर्हूत

मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि आरंभ: 6 दिसंबर 2018 को 12:12 बजे से
मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि समाप्त: 7 दिसंबर 2018 को 12:50 बजे तक

मार्गशीर्ष अमावस्या पूजन विधि

1. सुबह उठकर स्नान करें| पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है|

2. जिस प्रकार सूर्य को अर्घ्य देते हैं, वैसे ही अपने पूर्वजों के नाम से अर्घ्य दें और उन्हें याद करें|

3. इसके बाद भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा करें और अपने सभी पापों को नष्ट करने की याचना करें|

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4. उनकी कथा पढ़ें और आरती करें|

5. अपने मुताबिक चीजों का दान दें|

6. शाम को दीपक जलाएं और भगवान सत्यनारायण की पूजा करें|

मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व

– मार्गशीर्ष अमावस्या को पितरों की पूजा करने का विशेष दिन माना जाता है| ऐसी मान्यता है की इस दिन पूजन और व्रत से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष दूर होता है|

– मार्गशीर्ष अमावस्या का व्रत करने कुंडली के दोष दूर होते हैं|

– इस अमावस्या पर गंगा स्नान का एक विशेष महत्व है|

– अगर किसी की कुण्डली में पितृ दोष हो, संतान हीन योग बन रहा हो, उनको इस इस इस दिन उपवास जरूर करना चाहिए|

– अगहन माह में ही भगवान कृष्ण ने गीता का दिव्य ज्ञान दिया था, जिसके कारण से इस माह की अमावस्या तिथि को अत्यधिक लाभकारी और पुण्य फलदायी मन जाता है|

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