विश्व कविता दिवस 2018 कोट्स, कविता, इतिहास, थीम

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विश्व कविता दिवस 2018 कोट्स, कविता, इतिहास, थीम: आज 21 मार्च है और आज के दिन को दुनियाभर में वर्ल्ड पोएट्री डे के रूप मनाया जाता है| साल 1999 में यूनेस्को ने हर साल 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाया आने के फैसला किया| इस दिन इस दिन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दुनियाभर में मौजूद कवियों को सम्मानित किया जाता है| दुनियाभर के देशो में इस दिन कवियों को सम्मानित करने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है|

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विश्व कविता दिवस 2018

एक कवि अपनी कविता के माध्यम से दुनियाभर के तमाम मुद्दों को उजागर करता है, लोगों को कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है| आपको और हमे सभी को कविता पढ़ना अच्छा लगता है| ऐसे बहुत से कवि ऐसे है जिन्हे हमे और आप दोनों ही अच्छे से जानते है| कवियों के लिए एक कहावत भी कही जाती है “जहां ना पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि”

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वर्ल्ड पोएट्री डे कोट्स

कवि अपनी कविता के जरिए समाज को कई सन्देश भी देते है और समाज में हो रहे कर्म-कांडो के बारे में भी बतलाते है| कविता दिवस को सेलिब्रेट करने के पीछे उद्देश्य है की विश्वभर में कविता के पढ़ने, लेखन-प्रकाशन और शिक्षण को प्रोत्साहन देना है| यूनेस्को का उद्देश्य है की विश्व कविता दिवस को एक नई दिशा प्रदान करना|

बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों में हंसते-हंसते,
आग लगाकर जलना होगा.
कदम मिलाकर चलना होगा।

अलि, मैं कण-कण को जान चली, सबका क्रन्दन पहचान चली।

जो दृग में हीरक-जल भरते, जो चितवन इन्द्रधनुष करते।
टूटे सपनों के मनको से, जो सुखे अधरों पर झरते।
जिस मुक्ताहल में मेघ भरे, जो तारो के तृण में उतरे
मै नभ के रज के रस-विष के, आँसू के सब रंग जान चली।

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मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हें याद रखता हूँ मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहजे याद रखता हूँ
सर-ए-महफ़िल निगाहें मुझ पे जिन लोगों की पड़ती हैं निगाहों के हवाले से वो चेहरे याद रखता हूं, ज़रा सा हट के चलता हूँ

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झण्डा ऊँचा रहे हमारा। सदा शक्ति सरसाने वाला, प्रेम-सुधा बरसाने वाला।
वीरों को हरसाने वाला, मातृभूमि का तन-मन सारा, झण्डा ऊँचा रहे हमारा।

आधे से ज़्यादा जीवन
जी चुकने पर मैं सोच रहा हूँ-
क्यों जीता हूँ?
लेकिन एक सवाल अहम
इससे भी ज़्यादा,
क्यों मैं ऎसा सोच रहा हूँ?

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भारत में कवि और उनकी कविता का काफी सम्मान किया जाता है| भारत में लाखों करोड़ लोग कविता को पढ़ते है और इसका लेखन भी करते है| भारत में कई ऐसे कवि है जिन्होंने राष्ट्रिय स्तर के साथ-साथ अंतरष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचना बनाई | स्कूल, कॉलेज तथा अन्य संस्थानों पर इस दिन कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन कर कविता के महत्व को बताया जाता है तथा पोएट्री प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है|