गुजरात सीएम पद की रेस में स्मृति ईरानी का नाम, और भी...

गुजरात सीएम पद की रेस में स्मृति ईरानी का नाम, और भी चेहरे है इस रेस में|

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गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को एक बार फिर बहुमत हासिल हुआ है| गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 99 सीटों पर विजय मिली है| वही कांग्रेस पार्टी को 77 सीटें मिली| गुजरात में बीजेपी जल्द ही सरकार बनाने जा रही| ये छठी बार होगा जब गुजरात में बीजेपी सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करेंगी| बीजेपी के गुजरात में जितने के बाद सीएम पद की दावेदारी पर चर्चाएँ जोर पकड़ने लगी है| खबरों के अनुसार इस बार बीजेपी गुजरात में विजय रुपाणी की बजाए ने चेहरे हो सीएम बना सकती है| इंडिया टुडे की न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को गुजरात का सीएम बनाया जा सकता है| सुचना के अनुसार स्मृति ईरानी की लीडरशिप की क्वालिटी को देखते हुए बीजेपी गुजरात सीएम पद के लिए वह पहली पसंद है| बता दें की इस बारे में अभी को आधिकारिक घोषणा होना बाकि है| जब इस बारे में खुद स्मृति ईरानी से पूछा गया तो उन्होंने इस बात से इंकार किया है|

गुजरात सीएम पद की रेस में स्मृति ईरानी का नाम, और भी चेहरे है इस रेस में|

गुजरात सीएम पद की दूसरी पसंद केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री और मनसुख एल मंदाविया है| मंदाविया सौराष्ट्र के पाटीदार समुदाय से तालुक रखते है और वह किसानो से काफी नजदीकी से जुड़े है| गुजरात के सीएम पद के तौर पर तीसरी पसंद कर्णाटक के वर्त्तमान गवर्नर और गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष वजूभाई वाला बताए जा रहे है| वजूभाई वाला गुजरात कैबिनेट का पहले भी हिस्सा रह चुके है| उन्होंने वित्त, श्रम और रोजगार जैसे विभागों में कार्य कर चुके है|

आपको बता दें की कल यानिकि की 18 दिसंबर को गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित किए गए| जिसमे बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, चोरो और बीजेपी कार्यकर्ताओ में खुशी की लहर है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के नतीजों पर ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की| पीएम मोदी ने लिहा हिमाचल और गुजरात की जनता को नमन| आगे लिखा की कई लोग सोच रहे है की हम गलत दिशा में चल रहे है, इस प्रकार की सोच रखने वालो का भला नहीं होता| गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणामो ने एक बात तो सही साबित कर दी है की देश रिफार्म के लिए अब तैयार है| जीएसटी जैसे इतने बड़े बदलाव के बाद भी बीजेपी की जीत हुई| लोकतंत्र में जनता सरकार के काम का पर मतदान करती है|