सचिन तेंडुलकर: रेणुका चौधरी ने बोला- भारत रत्न मिलने का मतलब, आपको...

सचिन तेंडुलकर: रेणुका चौधरी ने बोला- भारत रत्न मिलने का मतलब, आपको बोलने का लाइसेंस मिलना नहीं है|

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राज्यसभा में विपक्षी दलों के जोर दार हंगामे की वजह से सचिन तेंडुलकर बोल पाने को लेकर चारो ओर से बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है, जो बंद होने का नाम ही नहीं ले रहा| इन्ही बयानबाजी के बीच आंध्रप्रदेश से कांग्रेस की राज्‍यसभा सदस्‍य और वरिष्‍ठ नेता रेणुका चौधरी का भी बयां सामने आया है| रेणुका ने पूछा ने सवाल किया है की भारत रत्न मिलने से क्या आपको बोलने (सचिन तेंडुलकर) बोलने का लाइसेंस मिल गया है?

सचिन तेंडुलकर: रेणुका चौधरी ने बोला- भारत रत्न मिलने का मतलब, आपको बोलने का लाइसेंस मिलना नहीं है|

आपको बता दें की क्रिकेट के भगवन माने जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर अपने निर्वाचन के लगभग पाँच साल बाद राज्यसभा में गुरुवार को खेलने के अधिकार से जुड़े विषय पर बोलने जा रहे थे, जैसे ही सचिन अपनी सीट से खड़े हुए और बोलने की कोशिश की, कांग्रेस और उसके साथी विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया| इस कारणवश वह बोल ही नहीं सके| सचिन को साल 2012 में खुद कांग्रेस ही राज्यसभा में लेकर आई थी| सचिन कल गुरुवार को राइट टु प्ले मुद्दे पर अपने विचार रखने वाले थे|

संसद के ऊपरी सदन में विपक्षी दल हंगामा करने लगे, इसी दौरान कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी यह कहती हुई सुनाई पड़ी की भारत रत्न मिलने से क्या संसद में बोलने का हक़ मिल जाता है| राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के बार- बार अनुरोध करने पर भी विपक्ष ने हंगामा करना बंद नहीं किया| नतीजतन राज्यसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा| ऐसे में सचिन तेंडुलकर को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं मिल सका|

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सचिन तेंडुलकर ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है, और जो कल राज्यभा की कार्यवाही के समय हुआ वो किसी के लिए भी शर्म की बात है| राजनितिक दल अपने स्वार्थ के लिए किसी को भी अपमानित का सकते है और चाहे वो आम आदमी हो या खास| राजनितिक दल केवल अपना फायदा ही देखते है|

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर विपक्ष की इस हरकत की निंदा की| उन्होंने लिखा राज्यसभा की कार्यवाही का ये बेहद ही दुखत दिन है| भारत रत्ना सचिन तेंडुलकर और महान क्रिकेटर सचिन को एक गैर-राजनितिक मुद्दे पर अपने विचार तक नहीं रखने दिए गए| जबकि विपक्षी दल ही सचिन को राज्यसभा में लकर आए थे|