आख़िरकार, भाजपा और सिद्धू हुए अलग, पत्नी ने भी दिया इस्तीफ़ा

आख़िरकार, भाजपा और सिद्धू हुए अलग, पत्नी ने भी दिया इस्तीफ़ा

0
SHARE

आख़िरकार, भाजपा और सिद्धू हुए अलग, पत्नी ने भी दिया इस्तीफ़ा : ‘आवाज़-ए-पंजाब’ शुरू करने के बाद, क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को औपचारिक रूप से भाजपा छोड़ दी।

Former Indian cricketer and former member of parliament Navjot Singh Sidhu addresses the media outside his residence in New Delhi on July 25, 2016. Sidhu's resignation as a Bharatiya Janata Party (BJP) MP has kickstarted speculation he is moving to the Aam Aadmi Party (AAP), which is rising in popularity in Punjab ahead of general elections. / AFP PHOTO / MONEY SHARMA

नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

पूर्व सांसद ने इससे पहले यह बात स्पष्ट नहीं की थी, की नवजोत सिंह सिद्धू ने भाजपा की सदस्यता छोड़ दी है। पार्टी के लांच के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी एक “फोरम” है, ना की राजनितिक पार्टी।

सिद्धू ने जुलाई में राज्यसभा छोड़ दी थी और थोड़ी देर के लिए आम आदमी पार्टी में दिखाई दिए थे, जो कि विधानसभा के चुनाव के लिए, जो जनवरी या फरवरी में होने वाले हैं, एक जाट सिख की तलाश में थी और पूरी सम्भावना जताई जा रही थी की सिद्धू इस पार्टी में शामिल होंगे।

सिद्धू ,सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल के एक कट्टर प्रतिद्वंद्वी है। शिरोमणि अकाली दल भाजपा के सहयोगी हैं। भाजपा की ओर से, सिद्धू लोक सभा का नेतृत्व 2004 से करते हुए आ रहे थे। अंत में उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण यह बताया की उन्हें अमृतसर की सीट से चुनाव लड़ने का टिकेट नहीं दिया गया था , जिसके वह पूरी तरह हकदार थे।

अरुण जेटली ने 2014 में अमृतसर से चुनाव लड़ा और अमरिंदर सिंह, से हार गए थे।

परगट के अलावा, सिद्धू के पक्ष में लुधियाना के दो निर्दलीय विधायकों , बलविंदर सिंह बैंस और उनके छोटे भाई सिमरजीत भी हैं। परगट और बैंस ब्रदर्स अकालियों के उच्च कोटि के आलोचकों के तौर पर जाने जाते हैं।

जरनैल सिंह, (पंजाब के लिए आम आदमी पार्टी के सह-संयोजक) ने कहा है कि सिद्धू अकालियों की मदद करने के लिए मतों को विभाजित करने की कोशिश कर रहा था इसलिए पार्टी ने उसे निकल दिया।