इन वजहों से खारिज हुआ महाभियोग प्रस्ताव

इन वजहों से खारिज हुआ महाभियोग प्रस्ताव

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इन वजहों से खारिज हुआ महाभियोग प्रस्ताव: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ कांग्रेस पार्टी सहित साथ राजनीतिक दलों ने महाभियोग चलाने के लिए उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू महाभियोग नोटिस भेजा था| जिसे एम. वेंकैया नायडू खारिज कर दिया है| इस नोटिस के खारिज करने के पीछे वेंकैया नायडू वजह भी बताई गई है| जिसमें मुख्य रूप से ये भी कहा गया है की इन आरोपों का तात्पर्य न्यायपालिका की आज़ादी को कमजोर करना है।

इन वजहों से खारिज हुआ महाभियोग प्रस्ताव

1- जिन सांसदों ने महाभियोग का नोटिस दिया वह खुद ही आरोपों के बारे में सहित तरके से नहीं जानते क्योंकि उन्होंने नोटिस में ऐसे शब्द लिखे थे- ऐसा हो सकता है, शायद, ऐसा लगता है और यह प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ संवैधानिक सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता है।

2- इसका सीधा सा उद्देश्य न्यायपालिका की आज़ादी को कमजोर करना।

3- प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ कोई सत्यापन योग्य आरोप नहीं है।

4- प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ लगाए गए आरोपों में दुर्व्यवहार या अक्षमता को लेकर कोई भी विश्वसनीय और सत्यापन योग्य चीजें पेश नहीं की गई।

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5- जो सांसद यह प्रस्ताव लेकर आएं, उन्होंने प्रेस में बताकर संसदीय रिवाज और परंपरा का अनादर किया है।

आपको बता दें की चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर अंतिम फैसला राज्यसभा के सभापति का माना जाता है| अब विपक्षी पार्टियों के खिलाफ कोर्ट जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है| सुप्रीम कोर्ट ही अंतिम विकल्प बचा है|

विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंपा

कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने के बाद कहा – ये बहुत महत्वपूर्ण विषय है। हमें नहीं पता कि ये प्रस्ताव खारिज क्यों किया गया। हम अब अपने आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।