ट्रिपल तलाक बिल को सरकार ने दी हरी झंडी, शीतकालीन सत्र के...

ट्रिपल तलाक बिल को सरकार ने दी हरी झंडी, शीतकालीन सत्र के पहले दिन हुआ बड़ा फैसला|

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ट्रिपल तलाक बिल को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है| अब इस बिल को क़ानूनी रूप देने के लिए दोनों सदनों में पास करवाने के लिए भेजा जाएगा| आज 15 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है| जिसमे इस बिल को पेश किया जाएगा| बता दें की संसद का शीतकालीन सत्र 5 तक चलेगा| सरकार ने जो विधेयक तैयार किया है उसके कहा गया है की एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी होगा और जो व्यक्ति कानून का उलंघन करते हुए पाया जाएगा उसे तीन साल जेल की सजा भुगतनी होगी|

ट्रिपल तलाक बिल को सरकार ने दी हरी झंडी, शीतकालीन सत्र के पहले दिन हुआ बड़ा फैसला|

किसी भी रूप में दिया गया ट्रिपल तलाक (मौखिक, लिखित या इलैक्ट्रोनिक) अवैध होगा| अगर किसी भी महिला को ट्रिपल तलाक दिया गया तो वह महिला खुद के लिए और अपने बच्चो के लिए कोर्ट से गुजारे भत्ते की मांग कर सकती है| कितना गुजारा भत्ता देना है ये मजिस्ट्रेट सुनवाई के बाद तय करेगा| यहु नहीं महिला अपने नाबालिक बच्चो की कस्टडी के लिए भी मांग कर सकती है| पीटीआई की खबर के अनुसार मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ के ड्राफ्ट को इंटर-मिनिस्टर ग्रुप द्वारा बनाया गया है, जिसकी अगुवाई गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी|

बात दें की सुरप्रेम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक को गैरकानूनी मानते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिया था की 6 महीने के अंदर सरकार इस पर कानून बनाए| इस मामले की सुनवाई पांच जजों की बेंच ने की थी| दो जज तीन तलाक के पक्ष में थे, जबकि बाकि तीन इसके सख्त खिलाफ थे| बहुमत के आधार पर बैंच ने फैसला लिया| इन पाँच जजों की बेंच में जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस कुरिएन जोसेफ, आरएफ नरीमन, यूयू ललित और एस अब्दुल नज़ीर मौजूद थे| इस मामले पर 11 मई से सुनवाई की गई थी| जजों ने इस मामले पर अपना फैसला 18 मई को सुरक्षित रख लिया था|

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आपको बता दें की मुस्लिम जोड़ो के लिए कोई कानून न होने के कारण मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक की प्रथा ही चली आ रही थी| हल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था 9 दिसंबर को एक महिला के पति ने उसे इस लिए तलाक दे दिया क्योकि वह तीन तलाक के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सपोर्ट करने वाली एक रैली में भाग लिया था| ये घटना बरेली के किला क्षेत्र के इंग्लिशगंज मोहल्ले का था, जहाँ सायरा नाम की महिला को उसके पति दानिश खान ने न केवल उसके साथ मार पीट की बल्कि एक साल के मासूम के साथ उसे घर से बाहर निकलने का आदेश दे दिया| पीड़ित महिला गुरुवार (07 दिसंबर) को मेरा हक फाउंडेशन की तरफ से आयोजित एक रैली में भाग लिया था|