इंदु सरकार : फिल्म बनी एक नया सियासी मुद्दा

इंदु सरकार : फिल्म बनी एक नया सियासी मुद्दा

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इंदु सरकार : फिल्म बनी एक नया सियासी मुद्दा :- राष्टीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक मधुर भंडारकर अपनी नयी फिल्म  ”इंदु सरकार”   को लेकर आज कल बहुत ज्यादा चर्चा में है। और अभी तो सिर्फ फिल्म का ट्रेलर ही रिलीज़ हुआ है पूरी फिल्म तो 28  जुलाई को रिलीज़ होगी। दरअसल ”इंदु सरकार” ने राजनीति  में खलबली मचा दी है। और सबसे ज्यादा तो कांग्रेस के साथ देने वालो के बीच।

फिल्म 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगे आपातकाल की पृष्ठभूमि पर बनी है।  कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि ”इस फिल्म को बनाने के पीछे जिस संगठन और व्यक्ति का हाथ है, उसे हम अच्छी तरह जानते हैं। हम फिल्म में दिखाए गए झूठ की निंदा करते है। ”

इंदु सरकार : फिल्म बनी एक नया सियासी मुद्दा

कांग्रेस लगातार इस फिल्म पर रोक लगाना चाहती है पर मधुर भंडारकर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ”“मैं हैरान हूं कि पूरी फिल्म देखे बिना ज्योतिरादित्य इस तरह की टिप्पणी कैसे कर सकते हैं? एक व्यक्ति के तौर पर मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन मुझे उनसे यह अपेक्षा नहीं थी।  फिल्म का सिर्फ एक ट्रेलर सामने आया है, जहां मैंने किसी भी राजनेता के नाम का जिक्र नहीं किया है। ”

मधुर भंडारकर की फिल्म  ”इंदु सरकार ” में इंदिरा गाँधी और संजय गांधी के व्यक्तित्व दिखाए गए है। मधुर भंडारकर ने कहा कि ” यह फिल्म चाहे आपातकाल पर बानी हो पर इस फिल्म  30 प्रतिशत भाग वास्तविक है और बाकी 70 प्रतिशत काल्पनिक इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं दिखाया गया है जिसे गाँधी परिवार को कोई आपत्ति हो और में कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया का बहुत  सामान करता हूँ परन्तु वो बिना फिल्म देखे कुछ भी नहीं बोल सकती।

वही केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष का कहना है कि इस फिल्म में गाँधी परिवार से नाता रखने वाली कोई भी ऐसी बात नहीं की गयी है जिसे गाँधी परिवार को कोई परेशानी। और अगर हुआ तो हम ऐसे किसी भी सीन को नहीं दिखाया जायेगा।