डीएसएसएसबी पीजीटी रिक्रूटमेंट 2018 की पीरक्षा आज से शुरू, ये ड्रेस कोड...

डीएसएसएसबी पीजीटी रिक्रूटमेंट 2018 की पीरक्षा आज से शुरू, ये ड्रेस कोड है एग्जाम का

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डीएसएसएसबी पीजीटी रिक्रूटमेंट 2018 की पीरक्षा आज से शुरू, ये ड्रेस कोड है एग्जाम का: दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) के द्वारा आज से पीजीटी परीक्षा का आयोजन हो रहा है है| जिन उम्मीदवारों ने डीएसएसएसबी की पीजीटी परीक्षा के के लिए आवेदन दिया था वे सभी अपने निर्धारति समय पर एग्जाम सेंटर पर पहुँच कर परीक्षा में भाग ले| बता दें की डीएसएसएसबी पीजीटी की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित करवा था है| वही इस बार बोर्ड ने महिला और पुरुष दोनों ही उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड भी जारी किया है|

डीएसएसएसबी पीजीटी रिक्रूटमेंट 2018 की पीरक्षा आज से शुरू, ये ड्रेस कोड है एग्जाम का

डीएसएसएसबी रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई करने वाले महिला और पुरुष दोनों ही कैटेगोरी के उम्मीदवारों के लिए बोर्ड की तरफ से कुछ इस प्रकार का ड्रेस कोड बताया गया है| महिला कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र में सलवार व ट्राउजर को पहन के आने का निर्देश दिया गया है तो वही पुरुष कैंडिडेट्स को आधी बाजू की कमीज पहनने का आदेश जारी किया गया| सभी उम्मीदवार ध्यान रखे की इस ड्रेस को फॉलो करें अन्यथा आपको परीक्षा में भाग लेने में परेशानी का सामना करना पद सकता है|

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जो कैंडिडेट्स पीजीटी रिक्रूटमेंट एग्जाम में हिस्सा लेनेजा रहे वे या तो चपल पहन कर आए या फिर सेंडल| जो उम्मीदवार कमीज पहन का आएँगे उनकी कमीज के बटन ज्यादा बड़े आकर के नहीं होने चाहिए| डीएसएसएसबी छात्रों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए पहले ही मॉक टेस्ट के साथ यह दिशा निर्देश जारी किए है|

पीजीटी की परीक्षा 100 मार्क्स की होगी जिसे पांच अलग-अलग भागों में बांटा गया है| उम्मीदवार इस सेक्शन के प्रश्न को हल करने के बाद ही अगले सेक्शन को हल कर पाएगा| प्रश्न पत्र को पांच भागो में बाँटने के बारे में जब ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा से बात हुई तो उन्होंने कहा की इससे कैंडिडेट्स की परेशानी और बढ़ जाएगी|

सेक्शनों को क्रमानुसार हल करना जरूरी बनाया गया है। इससे समय का सही उपयोग नहीं हो सकता। अमूमन परीक्षाओं में जो प्रश्न नहीं आता, उसे छोड़कर हम आगे बढ़ते हैं। फिर उस सेक्शन पर बाद में अपनी कोशिश करते हैं।

इस नियम में अभ्यर्थी दूसरा सेक्शन हल करने के बाद पहले सेक्शन के प्रश्नों के उत्तर में सुधार भी नहीं कर पाएंगे। कई बार ऐसा होता है कि अगर किसी भी प्रश्न का जवाब उस समय नहीं सूझ रहा है तो परीक्षार्थी दूसरा प्रश्न करने लगता है, लेकिन इस नियम में उसे वह प्रश्न छोड़ना पड़ेगा।