जानिए! चीनी, दाल, चावल बेचने वाली सैमसंग कैसे बनी दुनिया की सबसे...

जानिए! चीनी, दाल, चावल बेचने वाली सैमसंग कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कम्पनी

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जानिए! चीनी, दाल, चावल बेचने वाली सैमसंग कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कम्पनी: सैमसंग कम्पनी से तो अब सब रूबरू होंगे ही और इस कंपनी से जुड़ा कोई ना कोई प्रोडक्ट तो आप यूज़ करते ही होंगे या फिर कभी किया होगा| लेकिन क्या आप जानते है की सैमसंग कंपनी के संस्थापक यानि की फाउंडर कौन है? ये किस देश की कंपनी है? सैमसंग कम्पनी की स्थापना कब हुई थी? नहीं ना लेकिन आज आप इस पोस्ट को पढ़ने के बाद इन सब सवालों के जवाब जान जाएँगे|

जानिए! चीनी, दाल, चावल बेचने वाली सैमसंग कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कम्पनी

सैमसंग कंपनी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट ही नहीं बनाती बल्कि इसके अलावा भी बहुत कुछ करती है| सैमसंग ने दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा को बनाने में भी अपना योगदान दिया है| सैमसंग कंपनी फोन ही नहीं बल्कि इसके अलावा पानी की नाव और युद्ध में लड़ने वाले टैंक का निर्माण भी करती है| आइए अब पढ़ते है सैमसंग के अर्श से फर्श तक की पूरी कहानी|

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आपको जानकर हैरानी होगी की गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट में जितने लोग काम करते हैं उससे कई गुना अधिक लोग सैमसंग कम्पनी में काम करते हैं| बता दें कि इस कंपनी का रेवेन्यु साउथ कोरिया की जीडीपी का तकरीबन 17% है| इसका मतलब यह हुआ कि अगर सैमसंग घाटे में चली जाए तो साउथ कोरिया देश की अर्थव्यस्था ही डगमगा सकती है|

जानिए! चीनी, दाल, चावल बेचने वाली सैमसंग कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कम्पनी

सैमसंग की स्थापना ली बुंग चल ने की की थी| जिनका जन्म 9 जनवरी 1942 को हुआ था| ली ने इकोनॉमी में ग्रेजुएशन और एमबीए किया है| ली के परिवार में उनकी पत्नी रॉ ही हॉन्ग, बड़ी बेटी ली बॉन जिन (होटल चेन शिल्ला और थीम पार्क सैमसंग एवरलैंड की प्रेसीडेंट, सीईओ) छोटी बेटी ली स्यो हुन (वाइस प्रेसीडेंट चील इंडस्ट्रीज) हैं|

सैमसंग की स्थापना साल 1938 में हुई थी| सैमसंग साउथ कोरिया की कंपनी है| कंपनी के शुरूआती दिनों में केवल 40 लोग काम किया करते थे| सैमसंग अपने शुरूआती दिनों में ड्राई फिश, ग्रॉसरी और नूडल्स का बिज़नेस किया करती थी| फिर सैमसंग ने इन्श्योरेंस, सिक्युरिटी और रिटेल के सेक्टर में अपने पाव पसारने शुरू किए|

उस समय एप्पल के स्टीव जॉब्स एक सेलेब्रिटी हुआ करते थे लेकिन उनके प्रतिद्वंदी सैमसंग के फाउंडर ली को कम ही लोग जानते थे| ली हमेशा से ही लो-प्रोफाइल वाले रहे है| साल 1969 में सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक बाजार की दुनिया में कदम रखा और कंपनी ने अपना पहला प्रोडक्ट एक ब्लैक एंड वाइट टीवी पेश किया| सैमसंग ने इस टीवी को साल 1970 में लांच किया| इसके बाद सैमसंग रुका ही नहीं फिर उसने फ्रिज, एसी, माइक्रोवेव जैसे सभी इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट बनाने शुरू कर दिए|

साल 1983 में सैमसंग ने टेलीकम्युनिकेशन्स के क्षेत्र में अपना हाथ आजमाने की कोशिश की और पहला ‘बिल्ट इन कार’ फ़ोन बनाया जो कामयाब नहीं रहा और फिर कुछ साल बाद साल 1993 में कंपनी ने एक लंबी रिसर्च के बाद SH-700 फ़ोन बाजार में उतारा इस फोन को लोगों ने खूब पसंद किया|

जिन फोन में कमी पाई गई उन फोन को कंपनी ने अपने एम्प्लॉय के सामने ही जला दिया ताकि एम्पलॉय को यह मैसेज जाए की प्रोडक्ट में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश नहीं की जाएगी|

फिर सैमसंग CDMA सर्विस लेकर आया और फिर सैमसंग ने भारतीय फोन के बाजार में दस्तक दी| फिर कंपनी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा| आज के समय में सैमसंग दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है, जिसमें 3 लाख से भी अधिक एम्प्लॉय है| आपको बता दें की सैमसंग का मार्किट वैल्यू तकरीबन 2.23 लाख करोड़ रुपए है|