चौथी तिमाही में विकास दर में 0.7 फीसदी की उछाल, बढ़कर इतनी...

चौथी तिमाही में विकास दर में 0.7 फीसदी की उछाल, बढ़कर इतनी हुई विकास दर

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चौथी तिमाही में विकास दर में 0.7 फीसदी की उछाल, बढ़कर इतनी हुई विकास दर: नोटबंदी और जीएसटी के बाद एक बार फिर से भारत की विकास दर ने फिर से तेजी आई है| बता दें की नोटबंदी और जीएसटी के असर से भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटती हुई नजर आ रही है| वित्त वर्ष 2017-18 की आखिरी तिमाही (जनवरी से मार्च) में जीडीपी दर 7.7 फीसदी दर्ज की गई है| आज गुरुवार 31 मई को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) रिपोर्ट जारी कर बताया की-

चौथी तिमाही में विकास दर में 0.7 फीसदी की उछाल, बढ़कर इतनी हुई विकास दर

भारत एक बार फिर से दुनिया की तेजी से अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है| आखरी तिमाही में अनुमान लगाया था की विकास दर 7.4 फीसदी रह सकती है|जबकि पिछली तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) में जीडीपी दर 7.2 फीसदी रही थी। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीवीए 6.7 फीसदी रहा है।

चौथी तिमाही के जीडीपी विकास दर में औद्योगिक उत्पादन में तेजी का मुख्य योगदान रहा है। कोर सेक्टर ने अप्रैल में 4.7 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की जबकि मार्च में कोर सेक्टर की विकास दर 4.4 प्रतिशत थी। कोयला, क्रूड, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी सहित आठ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने कुल औद्योगिक उत्पादन में 40.27 फीसदी योगदान दिया।

घरेलू शेयर मार्किट की तूफानी तेजी के बीच नियार्तकों की डॉलर बिकवाली जारी रहने से अंतरबैंकिग मुद्रा बाजार में रुपया आज लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाए हुए है| रुपया चार पैसे की छलांग लगाकर 67.40 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

कल भारतीय मुद्रा 42 पैसे की भारी बढ़त के साथ 67.44 रुपये प्रति डॉलर पर पहुँच गई थी।

शेयर बाजार की तेज रफ्तार से रुपये ने भी पांच पैसे की बढ़त हासिल करने के साथ 67.39 रुपये प्रति डॉलर से शुरूआत की। कारोबार के दौरान यह 67.59 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुँचा। लेकिन कारोबार के उत्तरार्द्ध में इसमें सुधार आया। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के टूटने से रुपये को मजबूती और यह 67.31 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। अंत में रुपया कल की तुलना में चार पैसे की मजबूती के साथ 67.40 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।