चंद्र ग्रहण 2018: कब और कहाँ दिखाई देगा ब्लड मून

चंद्र ग्रहण 2018: कब और कहाँ दिखाई देगा ब्लड मून

0
SHARE

चंद्र ग्रहण 2018: कब और कहाँ दिखाई देगा ब्लड मून 27 और 28 जुलाई की मध्यरात्रि के दौरान इस साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगेगा| यह चंद्रग्रहण 27 जुलाई की रात्रि 11 बजकर 54 मिनट से लेकर 28 जुलाई रात्रि 03.49 तक लगेगा| इस दौरान करीब 1 घंटे 43 मिनट तक पृथ्वी, सूर्य और चंद्र के बीच लुकाछुपी का खेले देखा जा सकेगा| चंद्र ग्रहण के समय चाँद की छाया पृथ्वी पर पड़ेगी| नीचे इस पोस्ट में आप देख सकते है की चंद्र ग्रहण किन-किन देशों में दिखाई देगा| भारत के शहरों में चंद्र ग्रहण इस समय दिखाई देगा| चंद्र ग्रहण को इंग्लिश भाषा में ब्लड मून भी कहा जाता है| चंद्र ग्रहण से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट नीचे पढ़े-

चंद्र ग्रहण 2018: कब और कहाँ दिखाई देगा ब्लड मून

चंद्र ग्रहण 2018

27-28 जुलाई को लग रहे इस चंद्र ग्रहण को सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है| जुलाई के आखिर में लग रहे इस चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा आस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अंटार्टिका में भी देखा जा सकेगा|

जाने पैरों की शेप से इंसान का स्वभाव

क्‍या होता है सुपरमून (Supermoon)?

जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम होती है और चंद्रमा पूरी तरह से चमकता है तो इसे ही सुपरमून कहा जाता है|

ब्लड मून का क्या मतलब होता है (Blood Moon)?

जिस समय चंद्र ग्रहण लगता है उस समय चाँद लाल रंग का दिखाई देता है जिसे ब्लड मून अर्थात रक्तिम चांद के रूप में जाना जाता है| चंद्रग्रहण के समय जब चाँद पृथ्वी की छाया में रहता है तो इसकी आभा रक्तिम हो जाती है जिसे रक्तिम चंद्र या लाल चांद कहते हैं| ऐसा तब होता है जब चाँद पूरी तरह से पृथ्वी की छाया से ढक जाता है| जब ऐसा होता है तो सूरज की लाल रोशनी ‘स्कैटर’ होकर चांद के पास पहुँच पाती है|

27 जुलाई चंद्र ग्रहण के बाद करें इन वस्तुओं का दान, होगी सभी मनोकामनाएं पूरी

चंद्र ग्रहण कब लगता है (Lunar Eclipse)?

चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी एवं चंद्रमा एक स्तिथि में पहुँच जाते है जब चाँद पृथ्वी की छाया से गुजरता है| लेकिन ऐसे समय में सूर्य की लाल किरण पूरे अंतरिक्ष में फैली हुई होती है और जब ये किरणे चंद्र पर पड़ती है तो वह लाल रंग का दिखाई पड़ता है जिसे ब्लड मून के नाम से भी जाना जाता है|

चंद्र ग्रहण कैसे देख सकते है?

चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी विशेष वस्तु की जरुरत नहीं है| आप चंद्रग्रहण का नजारा नंगी आँखों से देख सकते है| चंद्र ग्रहण को खुली आँखों से देखने पर इसका आपकी आँखों या शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा| हां, लेकिन सूर्य ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण का इस्तेमाल करें| क्योंकि सूर्य ग्रहण के दौरान सोलर रेडिएशन से आंखों के नाजुक टिशू डैमेज हो जाते है, जिस वजह से आखों में विजन – इशू यानि देखने में परेशानी हो सकती है| इसे रेटिनल सनबर्न भी कहते हैं| ये परेशानी किसी निश्चित समय या फिर जीवनभर के लिए भी हो सकती है| लेकिन चंद्र ग्रहण के समय ऐसी कोई परेशानी नहीं आती|